ब्रेकिंग
अफीम की अवैध खेती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कड़ा रुख प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री... बिजली उपभोक्ताओं की पीड़ा को दूर करेगी समाधान योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पटरीपार सिकोला भाटा सब्जी मार्केट में निगम की बड़ी कार्रवाई, नाली के ऊपर बने 35 से अधिक अवैध निर्माण... छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी क... कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू होगी बड़ी मुहिम नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ निगम की सख्त कार्रवाई, कई दुकानों से डिस्पोजल गिलास व झिल्ली पन्नी जब्... राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का किया शिलान्यास
दुर्ग

बैंक लॉकर बना ‘चोरी का अड्डा’, प्रबंधन पर 40 तोला सोना गायब करने का आरोप

दुर्ग. भिलाई में बैंक ऑफ बड़ौदा के लॉकर से गायब हुए लाखों रुपये के सोने के मामले में पुलिस ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। भिलाई में तीन माह पहले यह मामला सामने आया था, जिसके बाद भी पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की थी। दूसरी ओर बैंक प्रबंधन पीड़ित के आरोपों को खारिज करता रहा, लेकिन आखरिकार दुर्ग एसएसपी की पहल पर तीन माह बाद पीड़ित की शिकायत पर बैंक प्रबंधन के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है।

दुर्ग जिले में बैंक ऑफ बड़ौदा में बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां इंदिरा पैलेस सिविक सेंटर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के लॉकर से खाता धारक दरोगा सिंह का 40 तोला सोना गायब होने की घटना लगभग 3 महीने पहले सामने आई थी। जब पीड़ित ने भिलाईनगर थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की तब पुलिस ने भी इस पर शिकायत लिखने से मना कर दिया था।

पीड़ित ने भिलाई नगर थाने से लेकर एसपी और आईजी के सामने गुहार लगाई, जिसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम को अब इस मामले की जांच के लिए लगाया गया है। सेक्टर 5 निवासी पीड़ित दरोगा सिंह ने बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा में उसे 1991 से लॉकर नम्बर 697 आवंटित हुआ था। लॉकर में अपने परिवार का सोना तीन अलग-अलग पोटलियां बनाकर रखा था, जिसमें से 40 तोला सोना गायब हो चुका है, जिसकी कीमत लगभग 50 लाख है।

नवम्बर 2024 को लॉकर रूम में सीपेज के कारण लॉकर खोलने में परेशानी होना बताया और इसकी शिकायत करने पर लॉकर की देखरेख करने वाली अनिता कोरेटी एक अस्थाई लॉकर नंबर 547 दिया। इस दौरान पुराना लॉकर ठीक करने के लिए चाबी अपने पास रख लिया।

दरोगा सिंह ने बताया कि 17 जनवरी 2025 को अनिता कोरेटी ने फोन पर बताया कि पुराने लॉकर का सामान अस्थाई लॉकर में रख दिया गया है। पुराना लॉकर ठीक होने के बाद फिर से उसे दे दिया जाएगा। इसके बाद दरोगा सिंह ने 22 अप्रैल 2025 को जब लॉकर खोला तो उसमें से दो अलग-अलग बैगों में रखे सोने के गहने गायब थे। केवल एक पोटली में उनके बहु के गहने थे वही लॉकर में पाया गया। दारोगा सिंह ने बताया कि लॉकर का संचालन वे स्वयं करते हैं और उनके साथ उनकी पत्नी श्यामा सिंह जाती है।

उनकी बेटी अराधना सिंह ने कभी भी लॉकर नहीं खोला। आरबीआई के गाइडलाइन के अनुसार लॉकर के सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी बैंक प्रबंधन की है और इसमें वे पूरी तरह से विफल हुए। इस मामले में भिलाई नगर पुलिस ने बैंक ऑफ बड़ौदा प्रबंधन पर केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button